Wednesday, 3 August 2016

कही बरबाद करते लोग पानी को ,और कही तरसते पानी की एक बून्द के लिए।
कही लोग फेकते हे खाने को,और कही नहीं मिलता मरजाते हे दो रोटी के लिए।                                          खान  पान की अहमियत तोह उसको पता है,
जो दो रोटियों के वास्ते   मौत से लड़ा है।
इसलिए खाना लो इतना की तुम खा सको ,
मत करो बरबाद इतना की अगलीबार तुम उतना बी ना पा सको।


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